Sunday, April 29, 2012

भारतीय जनसंचार संस्थान दीक्षांत समारोह (अप्रैल 23, 1996, नई दिल्ली)

 आईआईएमसी के हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम के 1995-96 बैच के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्कालीन अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज पीबी सावंत आए थे। साथ में इस तस्वीर में संस्थान के तत्कालीन निदेशक जे एस यादव, सहायक रजिस्ट्रार यादविंदर सिंह, सूचना व प्रसारण मंत्रालय के तत्कालीन सचिव एस गोपालन और आईआईएमसी गवर्निंग बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष पी मुरारी नजर आ रहे हैं।
  
सूचना व प्रसारण मंत्रालय के तत्कालीन सचिव एस गोपालन से डिप्लोमा प्रमाण पत्र हासिल करते हुए। गोपालन बाद में 11वीं और 12वीं लोकसभा के महासचिव बने। मंच पर जाकर प्रमाण पत्र हासिल करने की वजह बनी पाठ्यक्रम के टॉप तीन छात्रों में जगह पाना। इसी वजह से यूनिवार्ता अवार्ड लिखा हुआ सर्टिफिकेट दिया गया था। उस समय आईआईएमसी के दीक्षांत समारोह में हर पाठ्यक्रम से तीन-चार टॉप रैंकर, अवार्डधारी छात्रों को ही मंच पर बुलाकर डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिया जाता था। बाकी सबको नीचे बैठे-बैठे ही हाथ में सर्टिफिकेट पकड़ा दिया जाता था। पता नहीं बाद के वर्षों में ये प्रथा बदली या नहीं।

नीली स्कार्फ में अपने बैचमेट विद्युत प्रकाश मौर्य और रश्मि किरण के साथ। आईआईएमसी के दीक्षांत समारोह की औपचारिक पोशाक के तौर पर ये नीली स्कार्फ उन सबको ओढनी पड़ती थी, जिन्हें दीक्षांत समारोह में सर्टिफिकेट दिये जाते थे।
 बीएचयू के सीनियर और आईआईएमसी में बैचमेट रहे मोहनीश जी के आदेश पर आईआईएमसी के हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम के 1995-96 बैच के दीक्षांत समारोह से जुड़े पांच फोटो को अपलोड किया है। 23 अप्रैल, 1996 को ये दीक्षांत समारोह नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुआ था। ग्रुप फोटो में खुद मेरी ही तस्वीर नहीं है। कारण ये कि ग्रुप फोटो होने के पहले ही आईआईसी से मैं निकल चुका था।